Thursday, 27 December 2018
Tuesday, 25 December 2018
'जनशब्द' पटना के दो कवियों को एक ही सप्ताह में मिले महत्वपूर्ण सम्मान
एक ही समूह के दो सदस्यों को अलग अलग महत्वपूर्ण साहित्यिक सम्मान
इसी सप्ताह में 'जनशब्द' के दो वरिष्ठ कवि- सदस्य को पुरस्कार एवं सम्मान से विभूषित किया गया । कवि राजकिशोर राजन को भारतीय रेल द्वारा "मैथिली शरण गुप्त पुरस्कार - 2018" तथा कवि शहंशाह आलम को हिन्दी सेवी संस्थान उ प्र द्वारा "सव्यसाची सम्मान - 2017" से । दोनों के लिये विशेष आयोजन क्रमश: दिल्ली तथा प्रयागराज (इलाहाबाद) मे सम्पन्न हुए । यह जानकारी गंभीर साहित्यकर्म हेतु प्रतिबद्ध और पूरे बिहार में प्रसिद्ध समूह 'जनशब्द' के अध्यक्ष प्रभात सरसिज द्वारा प्राप्त हुई।
ध्यातव्य है कि शहंशाह आलम के सात कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं और उनकी एक कृति पर विश्वविद्यालय में शोधकार्य भी हो चूका है. उनका नवीनतम संग्रह "थिरक रहा देह का पानी" इन दिनों अधिक चर्चित है. राजकिशोर राजन की "कुशीनारा से लौटते हुए" पुस्तक (काव्य संग्रह) भी काफी सराही गई है.
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-बेजोड़ इंडिया ब्यूरो
ध्यातव्य है कि शहंशाह आलम के सात कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं और उनकी एक कृति पर विश्वविद्यालय में शोधकार्य भी हो चूका है. उनका नवीनतम संग्रह "थिरक रहा देह का पानी" इन दिनों अधिक चर्चित है. राजकिशोर राजन की "कुशीनारा से लौटते हुए" पुस्तक (काव्य संग्रह) भी काफी सराही गई है.
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-बेजोड़ इंडिया ब्यूरो
Sunday, 23 December 2018
Kaushaliya Vaghela, the first Indian-born MP in Victoria (Australia) celebrates multiculturalism
This Gujarat born new MP of Victoria (Australia) is proud of her Indian heritage
“... we must celebrate multiculturalism and ensure that people from all traditions are respected, welcomed and valued for their contributions,” Kaushaliya Vaghela announced in her speech in the parliament.
She is proud of her Indian heritage and says unflinchingly,"..I am very proud of Indian Heritage. India has been the birthplace of Hinduism, Buddhism, Jainism and Sikhism. With Indian culture I am aware of the unique and distinct culture of all religions and communities present in India."
Though Kakushaliya Vaghela had been able to romp to the prestigious parliament in Melbourne she had passed through many upturns in her past life.
She assumed office on 24th of November 2018 and belongs to Labor Party in Australia. She is the first Indian-born to enter the Victorian Parliament that is located in Melbourne, the renowned city for the cricket ground. She was born in Jamnagar, Gujarat and accepted the proposal of Dinesh Chauhan to marry when she was 26 at two conditions. One was she would continue her study and she would go abroad for that. It was really very difficult time for her when she migrated to Australia with her spouse. She even accepted to work as a laboratory assistant in the evening hours there. Moreover, her husband, Dinesh Chauhan tried his skills in driving as a taxi driver to somehow run the family.
We Indians are proud of her and wish she presents an exemplary show of integrity and parliamentary workmanship for upholding respect for pluralism in culture and traditions.
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Presented by - Hemant Das 'Him'
Email ID for response - editorbejodindia@yahoo.com
मुजफ्फरपुर में नीतू नवगीत द्वारा भूण हत्या, बाल विवाह और दहेज प्रथा के विरुद्ध आह्वाहन
तमाम तरह के प्रदूषणों में सांस्कृतिक प्रदूषण सबसे खतरनाक - नीतू नवगीत
लिच्छवी
फाउंडेशन द्वारा 23.12.2018 को मुजफ्फरपुर आयोजित दो दिवसीय रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम-सह-मेला
के दूसरे दिन बिहार की लोकगायिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने पारंपरिक
लोक गीतों के साथ-साथ सामाजिक कुरीतियों की खिलाफत करने वाले गीतों की
प्रस्तुति करके उपस्थित श्रोता समूह का मन मोहा । अपनी प्रस्तुति के दौरान दौरान नीतू कुमारी नवगीत
ने कहा कि सामाजिक जड़ता और कुरीतियों के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी
जानी है । इस लड़ाई में संस्कृतिकर्मियों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है ।
सांस्कृतिक लड़ाई किसी भौगोलिक खंड को जीतने के लिए नहीं है बल्कि मन को
जीतने के लिए है । भ्रूण हत्या, कम उम्र में लड़कियों का विवाह और दहेज
प्रथा जैसी समस्याएं लोगों के दिमाग में है । इन समस्याओं को लोगों के दिमाग
से ही निकालना होगा ।
कार्यक्रम में डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने कहा कि
उन्होंने बिटिया है अनमोल रतन एल्बम के माध्यम से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के
संदेश को आगे बढ़ाते हुए बाल विवाह, दहेज प्रथा भ्रूण हत्या और महिलाओं पर
अत्याचार की समाप्ति के लिए आवाज उठाया है । इन गीतों से सामाजिक बुराइयों के प्रति प्रतिरोध का स्वर मजबूत होता
है । तमाम तरह के प्रदूषणों में सांस्कृतिक प्रदूषण सबसे खतरनाक होता है।
इस अवसर पर बिहार सरकार में मंत्री सुरेश शर्मा द्वारा नीतू नवगीत को लिच्छवी कला सम्मान भी प्रदान किया गया ।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोकगायिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने मगही, मैथिली
और भोजपुरी लोकगीतों के माध्यम से बिहार की परंपरागत संस्कृति के विभिन्न
रंगों को भी प्रस्तुत किया ।
महिला
सशक्तिकरण पर बल देते हुए उन्होंने स्वरचित गीत खेले- कूदे के दिन में न
शादी, बिटिया के भैया पढ़ा बलल जाई हो। उन्होंने देश भर में स्वच्छता की आदत को बढ़ानेवाले स्वरचित गीत भी गाये। इस
अवसर पर संगीत के प्रशंसक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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आलेख -बेजोड़ इंडिया ब्यूरो
छायाचित्र - आयोजक दल द्वारा प्राप्त
प्रतिक्रिया हेतु ईमेल आईडी - editorbejodindia@yahoo.com
Friday, 21 December 2018
लाला आशुतोष कुमार शरण के काव्य संग्रह 'गुलदस्ता' का लोकार्पण 8.12.2018 को पटना में संपन्न
उम्र बढ़ने से प्रेम कम नहीं होता
पटना में बिहार इंडस्ट्रीज एसोसियशन के सभागार में 8.12.2018 को शायर लाला आशुतोष कुमार शरण की काव्य पुस्तक 'गुलदस्ता' का लोकार्पण संपन्न हुआ. इस अवसर पर हुए शानदार कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. उमाशंकर पाण्डेय ने की. सभा में राजनीतिज्ञ और समाजसेवक राजीव रंजन के अलावे कर्नल प्रत्यूष शरण, विजय भास्कर, अर्पणा कुमारी, भागवत शरण झा 'अनिमेष', डॉ. मीरा श्रीवास्तव, डॉ. शशि कुमार सिंह. डॉ. नंदजी डूबे, डॉ. हरेन्द्र प्रताप आदि अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे. राकेश बिहारी लाल ने कार्यक्रम का कुशल संचालन किया. रसायन शास्त्र के एक प्राध्यापक द्वारा हिंदी और उर्दू के सुन्दर और सटीक प्रयोग के साथ जीवन के सूक्ष्म अनुभवों को अभिव्यक्त करती यह पुस्तक अपने आप में बहुत विशेष है जिसमें अपनी पत्नी की मृत्यु से टूटे एक उम्र से वृद्ध किन्तु मनोबल से युवा पति का गहन प्रेम भी अपने पूरे लालित्य के साथ अभिव्यक्त होता है.
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प्रस्तुति- हेमन्त दास 'हिम'
प्रतिक्रिया हेतु ईमेल आईडी - editorbejodindia@yahoo.com
Saturday, 8 December 2018
Ashutosh Sharan felicitated by VKSU, Ara in an International seminar on green chemistry in Ara
Lala Ashutosh Kumar Sharan was honoured by the Vice Chancellor,Veer Kunwar Singh University Ara during the UGC Sposored INTERNATIONAL SEMINAR on GREEN CHEMISTRY organised by the Dept. Of Chemistry, VKSU, Ara in which scientists from all over the world partcipated. The person hugging Dr Sharan is HOD Chemistry, VKSU, Dr.K.M.Singh.
This is worthy to mention here that Dr. Ashutosh Sharan is a rtd. Professor in chemistry and is a good poet in Hindi and Urdu. His collection of poems is set to release with the title 'Guldasta'.
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Script and Picture- Bihari Dhamaka bureau
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